आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 71,000 सिम कार्ड बंद: स्कैम के खिलाफ DoT की कार्रवाई
पिछले 90 दिनों में, भारत के टेलिकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 71,000 सिम कार्ड बंद कर दिए हैं। इन सिम कार्डों का उपयोग मुख्य रूप से ऑनलाइन स्कैम के लिए किया जा रहा था। स्कैमर्स ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके सिम कार्ड हासिल किए और लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया।
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क्या है स्कैम का तरीका?
- फर्जी पहचान: स्कैमर्स फर्जी पहचान का उपयोग करके सिम कार्ड खरीदते हैं।
- प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंटों का इस्तेमाल: वे PoS एजेंटों की मदद से फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड खरीदते हैं।
सरकार की कार्रवाई
- AI और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम: सरकार ने AI और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल करके फर्जी सिम कार्डों को ट्रैक किया है और बंद किया है।
- संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग: लोगों से अपील की गई है कि वे सिम कार्ड से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट तुरंत करें।
नियम और सजा
- सिम कार्ड नॉन-ट्रांसफरेबल: सिम कार्ड किसी को भी ट्रांसफर नहीं किए जा सकते हैं। अगर कोई अवैध तरीके से सिम कार्ड खरीदता या बेचता है, तो यह एक गंभीर अपराध माना जाता है।
- सजा: अवैध सिम कार्ड गतिविधियों में शामिल होने पर सजा हो सकती है और सिम कार्ड ब्लैकलिस्ट किए जा सकते हैं।
FAQs
- क्यों बंद किए गए सिम कार्ड?
- सिम कार्डों का उपयोग ऑनलाइन स्कैम और फर्जी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, जिससे लोगों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
- सिम कार्ड ब्लैकलिस्टिंग क्या है?
- जिन लोगों के नाम पर फर्जी सिम कार्ड हासिल किए जाते हैं या स्कैम में शामिल होते हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उन्हें नए सिम कार्ड नहीं दिए जाएंगे।
- सिम कार्ड को कैसे सुरक्षित रखें?
- सिम कार्ड को सुरक्षित रखने के लिए, हमेशा अपने सिम कार्ड को अपने नाम पर ही खरीदें और किसी को भी ट्रांसफर न करें। संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट तुरंत करें।