अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 60 स्टेशनों के विकास का निर्णय लिया है, जिसमें अकेले असम राज्य के 50 रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया है। यह योजना पूरे देश में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए बनाई गई है, जिसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।
Table of Contents
प्रमुख बिंदु:
- विकास की लागत: नारेंगी स्टेशन के लिए ₹30.95 करोड़, जगीरोड के लिए ₹31.18 करोड़, चपरमुख के लिए ₹31.87 करोड़ और हैबरगांव के लिए ₹14.94 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है।
- यात्री सुविधाओं में सुधार: नई सुविधाओं में लिफ्ट, एस्केलेटर, हाईटेक दरवाजे, पार्किंग सुविधाएं और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर शामिल हैं।
- स्टेशनों की स्थिति: विदर्भ और कल्याण ग्रामीण में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण, यह निर्णय बच्चों और यात्रियों की भलाई को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
योजना का उद्देश्य:
- आधुनिक सुविधाएं: अमृत भारत स्टेशन योजना का मुख्य उद्देश्य स्टेशनों को आधुनिक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करना है, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
- शहरी विकास: यह योजना शहरी विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाती है, जिससे स्टेशनों को “सिटी सेंटर” के रूप में विकसित किया जा सके।
FAQs:
Q1: अमृत भारत स्टेशन योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य पूरे देश में 1309 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास करना और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है।
Q2: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कितने स्टेशनों का चयन किया है?
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 60 स्टेशनों का चयन किया है, जिनमें से 50 असम राज्य में हैं।
Q3: इस योजना के तहत यात्रियों को कौन-कौन सी नई सुविधाएं मिलेंगी?
यात्रियों को लिफ्ट, एस्केलेटर, हाईटेक दरवाजे, पार्किंग सुविधाएं और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर जैसी नई सुविधाएं मिलेंगी।