Chrome यूजर्स के लिए वॉर्निंग: पर्सनल डेटा खतरे में

गूगल क्रोम यूजर्स के लिए CERT-In का बड़ा अलर्ट: डेटा और प्राइवेसी खतरे में

सरकारी एजेंसी Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) ने गूगल क्रोम यूजर्स के लिए एक हाई-रिस्क सुरक्षा चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी विंडोज, मैकओएस और लिनक्स पर उपयोग किए जा रहे गूगल क्रोम ब्राउज़र के पुराने वर्जन्स में पाई गई गंभीर खामियों को लेकर है। इन खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स आपके निजी डेटा को चोरी कर सकते हैं और सिस्टम पर नियंत्रण पा सकते हैं।

क्या हैं खामियां?

  • CERT-In के अनुसार, गूगल क्रोम में “Use After Free” और “Out-of-Bounds Memory Access” जैसी खामियां पाई गई हैं।
  • इन कमजोरियों का उपयोग करके साइबर अपराधी विशेष रूप से तैयार की गई वेबसाइट्स के जरिए आपके सिस्टम पर हमला कर सकते हैं।
  • इससे आपका संवेदनशील डेटा, जैसे पासवर्ड और वित्तीय जानकारी, चोरी हो सकती है।

किन वर्जन्स पर है खतरा?

  • Linux: 134.0.6998.35 या इससे पुराने वर्जन
  • Windows: 134.0.6998.35/36 या इससे पुराने वर्जन
  • Mac: 134.0.6998.44/45 या इससे पुराने वर्जन

क्या करें?

  1. क्रोम अपडेट करें:
    • ब्राउज़र खोलें।
    • ऊपर दाईं ओर तीन डॉट्स पर क्लिक करें।
    • Help > About Google Chrome पर जाएं।
    • अपडेट इंस्टॉल होने दें और ब्राउज़र को रीलॉन्च करें।
  2. सावधानी बरतें:
    • अनजान वेबसाइट्स पर न जाएं।
    • नियमित रूप से अपने सॉफ़्टवेयर को अपडेट रखें।

FAQs

  1. गूगल क्रोम में खामियां क्यों होती हैं?
    • यह ब्राउज़र की कोडिंग में तकनीकी कमजोरियों के कारण होती हैं, जैसे “Out-of-Bounds Memory Access” और “Use After Free”।
  2. क्या होगा अगर मैं क्रोम अपडेट नहीं करता?
    • अगर आप अपडेट नहीं करते, तो आपका सिस्टम साइबर हमलों के प्रति असुरक्षित हो सकता है। इससे आपका डेटा चोरी हो सकता है या सिस्टम क्रैश हो सकता है।
  3. क्रोम को कैसे सुरक्षित रखें?
    • हमेशा लेटेस्ट वर्जन का उपयोग करें और नियमित रूप से अपडेट्स चेक करें। साथ ही, केवल विश्वसनीय वेबसाइट्स पर जाएं।
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