कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 7.5 करोड़ सदस्यों के लाभ के लिए ऑटो सेटलमेंट ऑफ एडवांस क्लेम (ASAC) की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने का प्रस्ताव रखा है। यह निर्णय श्रम और रोजगार मंत्रालय की सचिव सुमिता डावरा द्वारा 28 मार्च 2025 को श्रीनगर में आयोजित केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया। इस संशोधन का उद्देश्य EPFO सदस्यों के जीवन को आसान बनाना है।
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प्रमुख बदलाव और सुविधाएँ
- ऑटो सेटलमेंट सीमा:
पहले ₹1 लाख थी, जिसे अब ₹5 लाख तक बढ़ाया गया है। यह सुविधा शिक्षा, विवाह, आवास और बीमारी जैसी आवश्यकताओं के लिए लागू होगी। - ऑटो-मोड प्रक्रिया:
यह प्रक्रिया पूरी तरह से IT सिस्टम द्वारा संचालित है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप समाप्त हो गया है। KYC, पात्रता और बैंक सत्यापन वाले दावों को स्वचालित रूप से निपटाया जाता है। - दावे निपटान समय:
पहले दावों को निपटाने में 10 दिन लगते थे, लेकिन अब ऑटो-मोड के तहत यह समय घटकर 3-4 दिन हो गया है। - इतिहास:
ऑटो-मोड क्लेम सेटलमेंट पहली बार अप्रैल 2020 में शुरू किया गया था। तब इसकी सीमा ₹50,000 थी, जिसे मई 2024 में ₹1 लाख तक बढ़ाया गया था।
वित्तीय वर्ष 2024-25 की उपलब्धियाँ
- EPFO ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक 2.16 करोड़ ऑटो क्लेम निपटाए हैं।
- दावों के खारिज होने की दर पिछले साल के 50% से घटकर अब 30% हो गई है।
- दस्तावेज़ सत्यापन औपचारिकताओं को भी घटाकर केवल 6 करने का निर्णय लिया गया है।
नई श्रेणियाँ
अब ऑटो-मोड क्लेम निपटान शिक्षा, विवाह और आवास जैसी तीन नई श्रेणियों के लिए भी उपलब्ध होगा। इससे पहले यह सुविधा केवल बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने के लिए लागू थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- क्या सभी सदस्य ₹5 लाख तक निकाल सकते हैं?
हाँ, पात्रता पूरी करने वाले सभी EPFO सदस्य इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। - ऑटो-मोड क्लेम कैसे काम करता है?
IT सिस्टम द्वारा KYC, पात्रता और बैंक विवरण की स्वचालित जांच के बाद दावा निपटाया जाता है। - क्या दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया सरल हुई है?
हाँ, दस्तावेज़ सत्यापन औपचारिकताओं को घटाकर केवल 6 कर दिया गया है।
EPFO का यह कदम सदस्यों के लिए “Ease of Living” को बढ़ावा देने और उनकी वित्तीय जरूरतों को तेजी से पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।