फ्लाइट में 100ml लिक्विड का सच! वजह जानकर हैरान रह जाएंगे!

फ्लाइट में केवल 100ml लिक्विड ले जाने की अनुमति एक महत्वपूर्ण सुरक्षा नियम है, जिसका उद्देश्य संभावित खतरों को कम करना है। यह नियम 2006 में लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर एक आतंकी साजिश के बाद लागू किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति ने विस्फोटक सामग्री को पानी की बोतल में छिपाने की कोशिश की थी।

100ml लिक्विड सीमा के कारण:

  1. सुरक्षा चिंताएँ: इस नियम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी यात्री बड़े कंटेनरों में विस्फोटक सामग्री नहीं ले जा सके। 100ml की सीमा से सुरक्षा एजेंसियों को खतरे को पहचानने और रोकने में मदद मिलती है।
  2. अंतरराष्ट्रीय मानक: इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) ने इस नियम को बनाया, जिसे सभी देशों के एयरपोर्ट्स ने अपनाया। इससे वैश्विक स्तर पर सुरक्षा मानकों में समानता बनी रहती है।
  3. यात्रियों की सुविधा: 100ml की सीमा व्यक्तिगत उपयोग के लिए पर्याप्त होती है, जैसे टॉयलेटरीज़ या दवाएँ, जिससे यात्रियों को अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में आसानी होती है।
  4. स्क्रीनिंग प्रक्रिया में आसानी: छोटे कंटेनरों को जांचना सुरक्षा कर्मियों के लिए आसान होता है, जिससे सुरक्षा जांच तेज और प्रभावी हो जाती है।

नियम का पालन कैसे करें:

  • यात्रियों को अपने लिक्विड्स को एक पारदर्शी प्लास्टिक बैग में रखना होता है, जिससे सुरक्षा जांच में आसानी होती है।
  • कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट दी जाती है, जैसे मेडिकल जरूरतें या बच्चों के लिए आवश्यक लिक्विड। इन मामलों में यात्रियों को सुरक्षा जांच के दौरान इसे घोषित करना होता है।
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FAQs:

  • क्या फ्लाइट में 100ml से अधिक लिक्विड ले जाने की अनुमति नहीं है?
    हां, सुरक्षा कारणों से फ्लाइट में केवल 100ml लिक्विड ले जाने की अनुमति होती है।
  • क्या मैं मेडिकल जरूरतों के लिए अधिक लिक्विड ले जा सकता हूँ?
    हां, यदि आपके पास मेडिकल जरूरतें हैं, तो आप अधिक लिक्विड ले जा सकते हैं, लेकिन आपको इसे सुरक्षा जांच के दौरान घोषित करना होगा।
  • क्या मुझे अपने लिक्विड्स को किसी विशेष बैग में रखना होगा?
    हां, आपको अपने लिक्विड्स को एक पारदर्शी और रिसील करने योग्य प्लास्टिक बैग में रखना होगा।

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