केरल स्टार्टअप मिशन: महिलाओं के लिए सॉफ्ट लोन योजना
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं। इसी कड़ी में, केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए सॉफ्ट लोन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत महिला उद्यमियों को वर्किंग कैपिटल के रूप में ₹15 लाख तक का सॉफ्ट लोन दिया जाता है।
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योजना की मुख्य विशेषताएं
- लोन राशि: ₹15 लाख तक।
- ब्याज दर: 6% प्रति वर्ष (साधारण ब्याज)।
- चुकौती अवधि: 1 वर्ष या प्रोजेक्ट पूरा होने तक (जो भी पहले हो)।
- लोन उपयोग: यह लोन केवल सरकारी विभागों या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से प्राप्त परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दिया जाता है।
- फंड वितरण: लोन राशि का 80% तक पर्चेज ऑर्डर के आधार पर माइलस्टोन भुगतान के रूप में वितरित किया जाता है।
पात्रता मानदंड
- स्टार्टअप को DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) से अनुमोदित होना चाहिए।
- स्टार्टअप में महिला सह-संस्थापक की बहुमत हिस्सेदारी होनी चाहिए।
- स्टार्टअप केरल में पंजीकृत होना चाहिए।
- ग्राहक केवल सरकारी विभाग या सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम होना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
- केरल स्टार्टअप मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- “Soft Loan Scheme” सेक्शन में जाकर “Apply Now” पर क्लिक करें।
- आवेदन फॉर्म भरें, जिसमें कंपनी की जानकारी, शेयरहोल्डिंग डिटेल्स और प्रोजेक्ट प्रस्ताव शामिल हों।
- आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें, जैसे:
- पंजीकरण प्रमाण पत्र
- DPIIT अनुमोदन
- पर्चेज ऑर्डर की कॉपी
योजना के लाभ
- महिलाओं को उद्यमिता में प्रोत्साहन मिलता है।
- उच्च ब्याज दर वाले ऋणदाताओं से बचने का विकल्प।
- सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
- राज्य और देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान।
FAQ
- सॉफ्ट लोन योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। - क्या स्टार्टअप को DPIIT से अनुमोदित होना आवश्यक है?
हां, स्टार्टअप को DPIIT द्वारा अनुमोदित होना चाहिए और KSUM द्वारा जारी यूनिक आईडी होनी चाहिए। - लोन राशि पर ब्याज दर क्या है?
लोन पर 6% साधारण ब्याज दर लागू होती है।
यह योजना महिला उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें अपने व्यवसाय को बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है।