जापान में निसान की सेल्फ-ड्राइविंग वैन: तकनीक और भविष्य
जापान में निसान ने बिना ड्राइवर वाली वैन का परीक्षण शुरू किया है, जो शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर सफलतापूर्वक चल रही है। यह वैन 14 कैमरे, 9 रडार और 6 LiDAR सेंसर का उपयोग करती है, जो इसे सुरक्षित और सटीक रूप से चलाने में मदद करते हैं।
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कैसे काम करती है निसान की सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक?
- सेंसर और सिस्टम:
- निसान की वैन में 14 कैमरे, 9 रडार और 6 LiDAR सेंसर लगे हैं, जो वाहन को चारों ओर से निगरानी करने में मदद करते हैं।
- यह तकनीक वाहन को सुरक्षित रूप से चलाने के लिए आवश्यक डेटा प्रदान करती है।
- रिमोट कंट्रोल:
- फिलहाल, यह वैन लेवल 2 ऑटोनॉमस व्हीकल है, जिसका मतलब है कि एक इंसान दूर बैठे रिमोट-कंट्रोल पैनल से इसे मॉनिटर कर सकता है।
- टेस्टिंग के दौरान, फ्रंट सीट पर भी एक इंसान बैठा होता है, जो जरूरत पड़ने पर कंट्रोल अपने हाथ में ले सकता है।
- स्मार्टफोन एप कंट्रोल:
- इस वैन को स्मार्टफोन एप के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे गंतव्य सेट किया जा सकता है।
- यह वैन 40 किमी प्रति घंटा की टॉप स्पीड पर चल सकती है।
भविष्य की योजनाएं
- लेवल 4 तक पहुंचने का लक्ष्य:
- निसान का लक्ष्य 2029 या 2030 तक लेवल 4 ऑटोनॉमस व्हीकल तक पहुंचना है, जहां बिल्कुल भी इंसानी दखल की जरूरत नहीं होगी।
- अगले कुछ वर्षों में योकोहामा की सड़कों पर 20 ऐसी गाड़ियां चलाई जाएंगी।
- जापान की स्थिति:
- जापान ने अभी तक सिर्फ ग्रामीण इलाकों में लेवल 4 गाड़ियों को मंजूरी दी है।
- शहरी क्षेत्रों में अभी भी सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों की टेस्टिंग जारी है।
- सुरक्षा और चुनौतियां:
- सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों की सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा है।
- लोग बिना ड्राइवर वाली गाड़ियों की दुर्घटनाओं को ज्यादा खतरनाक मानते हैं।
FAQs
- क्या निसान की सेल्फ-ड्राइविंग वैन पूरी तरह से स्वचालित है?
- नहीं, फिलहाल यह लेवल 2 ऑटोनॉमस व्हीकल है, जिसमें रिमोट कंट्रोल और फ्रंट सीट पर एक इंसान की निगरानी होती है।
- क्या निसान की सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक सुरक्षित है?
- हां, निसान का दावा है कि इसकी तकनीक मानव आंखों से बेहतर काम करती है, क्योंकि यह चारों ओर से निगरानी कर सकती है।
- क्या जापान में सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों का व्यावसायिक उपयोग शुरू हो गया है?
- अभी तक जापान में सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों का व्यावसायिक उपयोग सीमित है और मुख्य रूप से टेस्टिंग के चरण में है।