चंडीगढ़ में कलैक्टोरेट बढ़ाए जाने के फैसले के बाद रजिस्ट्री करवाने वालों के सामने संकट खड़ा हो गया है। पहली अप्रैल से नए कलैक्टोरेट रेट लागू होने के चलते, रजिस्ट्री के लिए केवल 6 दिन का समय दिया गया था, जो 31 मार्च तक सीमित है।
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स्थिति का विवरण
- भीड़ का सामना: बुधवार सुबह 10 बजे इस्टेट ऑफिस खुलने से पहले ही करीब 50 लोग वहां पहुंच चुके थे। साढ़े 11 बजे तक लगभग 200 लोग पहुंच गए थे।
- रजिस्ट्री स्लॉट: रोजाना 65 लोगों को रजिस्ट्री के लिए टाइम स्लॉट दिया जाता है, लेकिन भीड़ को देखते हुए लोग स्लॉट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
- पुराने रेट पर रजिस्ट्री: लोग पुराने कलैक्टोरेट रेट पर रजिस्ट्री की तारीख बढ़ाने या शनिवार और रविवार को भी ऑफिस खोलने की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
डी.सी. नितिन यादव ने तहसीलदारों को बैठक के लिए बुलाया और लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर प्रशासक से चर्चा करेंगे। हालांकि, शाम तक प्रशासन की ओर से कोई राहत की खबर नहीं मिली।
निष्कर्ष
चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा कलैक्टोरेट बढ़ाए जाने का फैसला रजिस्ट्री करवाने वालों के लिए समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। लोगों की मांगों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को जल्द ही कोई ठोस कदम उठाना होगा ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- रजिस्ट्री के लिए कितने लोग स्लॉट प्राप्त करते हैं?
- रोजाना 65 लोगों को रजिस्ट्री के लिए टाइम स्लॉट दिया जाता है।
- लोग कौन सी मांग कर रहे हैं?
- लोग पुराने कलैक्टोरेट रेट पर रजिस्ट्री की तारीख बढ़ाने और शनिवार-रविवार को ऑफिस खोलने की मांग कर रहे हैं।
- डी.सी. ने क्या आश्वासन दिया?
- डी.सी. नितिन यादव ने कहा कि वे प्रशासक से मिलने जा रहे हैं ताकि लोगों की मांगों पर विचार किया जा सके।