पंजाब में राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से जुड़े सभी राशन कार्ड धारकों को 31 मार्च 2025 तक ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कि आगामी फेज में फ्री गेहूं का लाभ नहीं मिलना।
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ई-केवाईसी की प्रक्रिया और महत्व
- ई-केवाईसी प्रक्रिया: राशन कार्ड धारक अपने नजदीकी डिपो से ही ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- महत्व: यह प्रक्रिया राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) 2013 के तहत हो रही है, जिससे फर्जी राशन कार्ड धारकों का पता लगाया जा सके और योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
- वर्तमान स्थिति: पंजाब में लगभग 1.55 करोड़ लोगों को सरकारी डिपुओं से सब्सिडी पर राशन मिलता है, जिनमें से 1.17 करोड़ लोगों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है।
सरकार की कार्रवाई
- शिकायत निवारण: खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी दोपहर 12 बजे तक जिला स्तर पर बैठकर लोगों की शिकायतों का समाधान करेंगे।
- डिपो निरीक्षण: डिप्टी डायरेक्टर अधिकारिक क्षेत्रों में राशन वितरण के समय डिपो का दौरा करेंगे ताकि किसी भी अनियमितता को रोका जा सके।
- कालाबाजारी पर रोक: ई-केवाईसी के बाद सरकारी गेहूं की कालाबाजारी पर भी अंकुश लगेगा।
FAQs
1. पंजाब में राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तिथि क्या है?
31 मार्च 2025 है।
2. ई-केवाईसी के लिए किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा?
नहीं, ई-केवाईसी के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
3. ई-केवाईसी नहीं करवाने पर क्या होगा?
ई-केवाईसी नहीं करवाने पर राशन कार्ड धारकों को आगामी फेज में फ्री गेहूं का लाभ नहीं मिलेगा।