केंद्र सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिसकी आवेदन प्रक्रिया 1 अप्रैल 2025 से शुरू होगी। UPS का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को न्यूनतम गारंटीड पेंशन प्रदान करना है। इस नई योजना के तहत कर्मचारी अपनी पेंशन को सुरक्षित और अधिक लाभकारी बना सकते हैं।
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UPS की मुख्य विशेषताएँ
- न्यूनतम गारंटीड पेंशन: UPS के तहत कर्मचारियों को ₹10,000 मासिक गारंटीड पेंशन मिलेगी।
- सरकार का योगदान: सरकार कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 18.5% योगदान करेगी।
- सेवा अवधि: 25 साल की सेवा पूरी करने पर अंतिम वेतन का 50% पेंशन दी जाएगी।
UPS और NPS में अंतर
UPS | NPS |
---|---|
न्यूनतम ₹10,000 मासिक गारंटी पेंशन | पेंशन राशि निवेश के रिटर्न पर निर्भर |
सरकार का 18.5% योगदान | कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान |
स्थिर और सुनिश्चित पेंशन | बाजार आधारित रिटर्न |
पात्रता
- मौजूदा कर्मचारी: जो 1 जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए हैं, वे UPS चुन सकते हैं।
- नए भर्ती कर्मचारी: 1 अप्रैल 2025 के बाद सेवा में शामिल होने वाले कर्मचारी UPS का चयन कर सकते हैं।
- सेवानिवृत्त कर्मचारी: NPS के तहत आने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी भी UPS में शामिल हो सकते हैं।
- पति/पत्नी: कर्मचारी की मृत्यु के मामले में, कानूनी रूप से विवाहित पति/पत्नी UPS चुन सकता है।
आवेदन प्रक्रिया
- सभी UPS फॉर्म PFRDA पोर्टल (npscra.nsdl.co.in) पर उपलब्ध होंगे।
- मौजूदा कर्मचारी फॉर्म A2 भरेंगे, नए भर्ती कर्मचारी फॉर्म A1, सेवानिवृत्त कर्मचारी फॉर्म B2, और मृतक कर्मचारी के परिवार फॉर्म B6 भरेंगे।
- आवेदन ऑनलाइन या फिजिकल फॉर्म द्वारा किया जा सकता है।
FAQ
- UPS में क्या लाभ है?
UPS में न्यूनतम ₹10,000 मासिक गारंटीड पेंशन और सरकार का 18.5% योगदान मिलता है। - क्या NPS से UPS में शिफ्ट किया जा सकता है?
हां, मौजूदा NPS कर्मचारी UPS में शिफ्ट कर सकते हैं। - UPS के लिए आवेदन कैसे करें?
PFRDA पोर्टल (npscra.nsdl.co.in) पर जाकर संबंधित फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं।